और मदद चाहिए?
अगर इस समय साँस के अभ्यास काफ़ी नहीं हैं, तो कोई बात नहीं। किसी दूसरे इंसान तक पहुँचना अगला क़दम हो सकता है।
अगर आपको तुरंत ख़तरा हो सकता है, तो अपनी स्थानीय आपातकालीन सेवा से संपर्क करें या नज़दीकी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाएँ।
अगर आप ख़ुद को नुक़सान पहुँचाने या अपनी ज़िंदगी ख़त्म करने के बारे में सोच रहे हैं, तो कृपया अभी किसी से संपर्क करें। आपको यह अकेले नहीं संभालना है।
भारत
आपातकालीन सेवाएँ (ERSS)
पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा आपात स्थिति के लिए भारत का एकल आपातकालीन नंबर।
टेली-मानस (भारत सरकार)
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत मुफ़्त और गोपनीय राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन। कई भारतीय भाषाओं में काउंसलिंग, सहायता और रेफ़रल।
और मदद चाहिए?
किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें
कोई दोस्त, परिवार का सदस्य, शिक्षक, साथी या पड़ोसी। सही शब्दों की ज़रूरत नहीं। "मेरा समय मुश्किल चल रहा है, क्या हम बात कर सकते हैं?" काफ़ी है।
किसी विशेषज्ञ से बात करें
डॉक्टर, क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक, मनोचिकित्सक या काउंसलर उस परेशानी में मदद कर सकते हैं जो लंबे समय तक रहे, बढ़ती जाए या रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर डाले। कॉलेज और दफ़्तर की काउंसलिंग सेवाएँ शुरुआत के लिए अच्छी जगह हैं।
संकट की स्थिति में
अगर आप ख़ुद को असुरक्षित या ख़तरे में महसूस करें, तो अभी आपातकालीन सेवा या संकट हेल्पलाइन से संपर्क करें, या नज़दीकी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाएँ।
भारत से बाहर
अपने स्थानीय आपातकालीन नंबर पर संपर्क करें, या किसी आधिकारिक स्वास्थ्य मंत्रालय या स्वास्थ्य सेवा की वेबसाइट से अपने देश की राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य या संकट हेल्पलाइन खोजें।